Pyar bhari shayari

किसी की क्या मजाल थी;
जो हमें खरीद सकता;
हम तो खुद ही बिक गये;
खरीददार देख के।

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Pyar Bhari Shayari


जख्म बन जाने की आदत है उन्हें;
रुला कर मुस्कुराने की आदत है उन्हें;
मिलेंगे कभी तो खूब रुलाएंगे;
सुना हैं रोते हुए लिपट जाने की आदत है उन्हें।

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​न​ज़​रे​ मिले तो प्यार हो जाता है;
पलके उठे तो इज़हार हो जाता हैं;
ना जाने क्या कशिश हैं चाहत में;
कि कोई अनजान भी हमारी;
जिंदगी का हक़दार हो जाता है।

20190730 123326

Pyar Shayari


रुलाना हर किसी को आता है;​
​हँसाना भी हर किसी को आता है;​
​​रुला के जो मना ले वो सच्चा यार है;​​​
​​और जो रुला के खुद भी रो पड़े वही सच्चा प्यार है।

20190730 123632


​मैं अल्फाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ​;​
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ​;​
कब पूछा मैंने ​कि ​क्यूँ दूर हो मुझसे​;​
मैं दिल रखता हूँ तेरे हालात समझता हूँ​।

20190730 123917

Pyar Bhari Shayari

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